Railway Station Rd, Vijay Nagar, Khekra, Baghpat, Uttar Pradesh 250101
महान शिक्षाविद्, समाजसेवी, श्रद्धामूर्ति स्व० स्वामी डालचन्द शर्मा ने महामना पं0 मदन मोहन मालवीय एवं स्वo to कमाण्डर श्री सुखदेव पाण्डेय (भूतपूर्व मंत्री) बिरला एजूकेशन ट्रस्ट पिलानी के उच्च आदर्शों से प्रेरित होकर खेकड़ा क्षेत्र से अशिक्षा उन्मूलन का संकल्प लेते हुए 5 मई 1936 ई0 में शिक्षा प्रसारक मण्डल खेकड़ा की स्थापना की। प्रामीण अंचल की युवा पीढ़ी को उच्च शिक्षा की सुविधाएँ उपलब्ध कराने का लक्ष्य समक्ष रखते हुए उन्होंने जन सहयोग, अदम्य उत्साह, अथक परिश्रम, लगन तथा अनवरत् प्रयास से खेकड़ा नगर में एंग्लो संस्कृत जूनियर हाईस्कूल की स्थापना से प्रारम्भ कर शनैः-शनैः शिक्षा जगत में एक नई पहचान प्राप्त की। अनेकानेक गांवों, नगरों एवं उपनगरों में अनेक शिक्षण संस्थाओं का प्रसार किया। सन् 1936 में लगाया गया पौधा 1959 में वृक्ष बन गया तथा महामना मालवीय डिग्री कॉलेज, खेकड़ा (बागपत) के रूप में स्थापित हुआ।
इस संस्था में कला एवं विज्ञान संकाय के 11 (8+3) विषय में स्नातक उपाधि एवं अंग्रेजी, रसायन विज्ञान एवं शारीरिक शिक्षा विषयों में पी०एच०डी० स्तर के अध्ययन की सुविधायें उपलब्ध हैं। सरकार द्वारा NEP लागू करने के बाद स्नातक कक्षाओं में पर्याप्त संख्या में विषय संयोग एवं विषय विकल्प उपलब्ध हैं। महाविद्यालय में पाठ्येत्तर गतिविधियों एवं प्रशिक्षण की भी व्यवस्था है। महाविद्यालय में इसी वर्ष से कैरियर गाइडेन्स सेल की स्थापना की गयी है, जो समय-समय पर छात्र-छात्राओं को रोजगार तथा भविष्य निर्माण के लिए उचित मार्गदर्शन कराता है। सुयोग्य, समर्पित एवं कर्मठ शिक्षकों की सेवाएँ संस्था का गौरव रही हैं। संस्था में सर्वांगीण विकास की शिक्षा हेतु विशेष ध्यान दिया जाता है तथा महाविद्यालय केवल उपाधि दिलाने का माध्यम न रहकर आदर्श भावी नागरिकों को जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सफलतापूर्वक अग्रसर होने को तैयार रहने की कार्यशाला बनने का संकल्प लेकर कार्य करता है। संस्था में सह-शिक्षा का उत्तम प्रबन्ध है।
महाविद्यालय का विज़न
ज्ञान, कौशल, मूल्य एवं सामाजिक प्रतिबद्धता से युक्त विद्यार्थियों का निर्माण करते हुए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता का केंद्र बनना तथा नवाचार, समावेशन और सतत विकास को बढ़ावा देने वाला शिक्षण वातावरण स्थापित करना।
महाविद्यालय का मिशन
सभी विद्यार्थियों को समावेशी, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा प्रदान करना, जिससे उनमें शैक्षणिक उत्कृष्टता, आलोचनात्मक चिंतन तथा नैतिक मूल्यों का विकास हो। महाविद्यालय नवाचारपूर्ण शिक्षण, अनुसंधान एवं सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से सामाजिक रूप से उत्तरदायी, कुशल एवं आत्मविश्वासी नागरिक तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो राष्ट्र निर्माण में योगदान दें।